Type in Hindi 

Printer Friendly  PDF Share Toolbar  Mobile 
Home > Blood > Deep Vein Thrombosis | डीप वेन थ्रोम्बोसिस

Deep Vein Thrombosis | डीप वेन थ्रोम्बोसिस


1.  किसे कहते हैं?

जब खून के नसों में खून का थक्का जम जाता है, उसे थ्रोम्बोसिस कहते हैं| अगर यह शरीर के भीतरी नसों में होता है, तो उसे डीप वेन थ्रोम्बोसिस कहते हैं| यह अकसर पैर के नसों में होता है|

2.  क्या महत्व है?

अगर यह जमा हुआ खून का थक्का, पैर से निकल कर फेफड़ों तक पहुंच जाता तो यह भयानक बीमारी कर सकता है या फिर जानलेवा भी हो सकता है|

3.  क्यों होता है?

डी वी टी खून के जमने से होता है| इसके विभिन्न कारण हैं, लेकिन मुख्य रूप से दो प्रकार के कारण हो सकते हैं|

  • पहला, की खून का बहाव धीरे है या रुक गया है| उदाहरण के लिए नीचे अनेक स्थिती दिए गए हैं, जिसमें कि पैर का उपयोग कम होता है -
    • किसी बीमारी या गर्भ में बिस्तर पर लेटे रहना पड़ रहा है|
    • आप अधिकतर खड़े होकर काम करते हैं, जैसे कि अध्यापक, नर्स, सर्जन या अन्य|
    • आप लंबे समय तक पैर नहीं चलाते हैं, जैसे कि बहुत देर का विमान यात्रा|
  • दूसरा कि खून में जमने का प्रवृती बढ़ गया है| खून में अनेक प्रकार के चीज होते हैं, कुछ का काम होता है किसी कटने पर खून को जमाना और कुछ का काम होता है कि खून के नसों के अंदर खून को बहने देना| सामान्य स्थिती में, ये दोनों तरह के पदार्थ संतुलित मात्रा में रहते हैं| अगर किसी कारण से यह संतुलन बिगड़ता है, तो नसों के अंदर खून जम सकता है| उदाहरण के लिए नीचे अनेक स्थिती दिए गए हैं -
    • किसी भी प्रकार का सर्जरी, जो कि पैर, जांघ, कमर या पेल्विस पर किया गया हो|
    • कैंसर होने से डी वी टी का खतरा बढ़ जाता है|
    • धूम्रपान करने से डी वी टी का खतरा बढ़ जाता है|
    • दिल का बीमारी जिसमें दिल कमजोर हो जाता है | इसे कांजेसटिव हार्ट फैलिअर (congestive heart failure) कहते हैं| इस स्थिती में दिल पूरे तरह से खून को पम्प करने में सक्षम नहीं होता है, और खून पैरों में जमा होने लगता है|
    • पैर के नसों के कमजोरी से जिसमें भी खून पैरों में जमा होने लगता है| सामान्य स्थिती में खून को पैर से दिल के तरफ लौटना चाहिए| इसमें पैर में एक तरफ जाने के लिए वाल्व होता है, जो खून का बहाव को दिल के तरफ रखता है| अगर नसों के वाल्व में कमजोरी आ जाता है, तो खून के बहाव में रुकावट आ जाता है, और फिर पैर में खून जमा होने लगता है|
    • अगर आप गर्भ निरोधक गोली (oral contraceptive pills) लेते हैं
    • अगर आपको मोटापा है
    • अगर आपको मेनोपौज़ (menopause) हो चुका है

4.  लक्षण

आधिकांश समय इसका कोई लक्षण नहीं होता है| लेकिन जब खून का थक्का जमा होने लगता है, तब इसके लक्षण प्रकट हो जाते हैं| कुछ लक्षण नीचे दिए गए हैं, जो कि पैर में होते हैं| यहां पैर से मतलब है तलवा से लेकर जांघ तक कोई भी जगह|
  • पैर का फूलना
  • पैर में दर्द होना
  • पैर लहर्ना
  • पैर में अत्यन्त खुजली होना
  • पैर का रंग बदलना - लाल या नीला पड़ जाना

5.  जांच

  • सोनोग्राम (sonogram) - मशीन द्वारा बाहर से नसों का फोटो खींचना
  • वेनोग्राफी (contrast venography) - नसों में सुई द्वारा एक तरह रंग दिया जाता, और फिर उसका फोटो खीचा जाता है
  • इम्पेडांस प्लेथिस्मोग्राफी (impedance plethysmography) - इसमें बिजली के तरंगों से इस रोग का निदान किया जाता है|

6.  इलाज

इसमें खून के थक्का को गलाने के लिए दवा लिया जाता है| यह दवा अस्पताल में शुरू किया जाता है| ये दवा खून को पतला करते हैं, इसीलिय अनेक बार खून का जांच किया जायेगा| ये दवा करीब 6 महीनों तक लेने पड़ सकते हैं| साथ ही उन कारणों को पहचानना होगा जिससे आपको यह बीमारी हुआ, और उसे हटाने के लिए आपको उपाय करना होगा|

आपका स्वास्थ्य

आपका खाना

प्रसिद्ध विषय

इंटरनेट पर संबंधित जानकारी

खबरें चित्र विडीयो सन्दर्भ लिंक्स
रिसर्च विकिपेडिया

सम्बंधित लिंक्स

This website is certified by Health On the Net Foundation. Click to verify. This site complies with the HONcode standard for trustworthy health information: verify here.

This page was last modified by Ravi Mishra on January 13, 2010, at 02:59 PM EST. Copyright 2008-2010 Nirog.info. All rights reserved.
↑ Top  Home  Search: Terms  About Us  Awards  Valid XHTML  Valid CSS  Login 

Visit our channels at: Amazon  Twitter  Youtube  Scribd