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Breast Cancer and Mammogram | मैमोग्राम


Breast cancer mammogram
ब्रेस्ट कैंसर का एक्स-रे जांच | Breast cancer mammogram, (c) http://www.cancer.gov


1.  मैमोग्राम क्या होता है?

मैमोग्राम एक तरह के एक्स-रे (X Ray) को कहते हैं, जो कि ब्रेस्ट या स्तन में बीमारीयों के जांच में मदद करता है। इस तरह के कार्य को मैमोग्राफी (Mammography) कहते हैं।

2.  क्या देखा जाता है?

मैमोग्राम से यह जानने का प्रय्तन किया जाता है कि ब्रेस्ट के अंदर कोई भी गांठ है कि नहीं। यह छोटे गांठ को 1 से 2 साल पहले पहचान सकता है, जो कि हाथ से महसूस नहीं होता है। इससे सबसे बड़ा लाभ यह है कि अगर सही में कोई कैंसर हुआ तो बहुत छोटे साईज में ही उसको पहचाना जा सकता है। समय से इलाज करवाने से जान भी बच सकता है।

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3.  क्या दिखता है?

Breast cancer mammogram results
Breast cancer mammogram results, (c) http://www.cancer.gov


ब्रेस्ट के गांठ में अक्सर कैलशियम जमा हो जाता है, जो कि मैमोग्राम में दिखता है। इनको माईक्रोकैलशिफिकेशन (micro-calcification) कहा जाता है। इन गांठ में से कैंसर का उतपत्ति हो सकता है।

4.  मैमोग्राम के बाद क्या होता है?

मैमोग्राम से सिर्फ गांठ का पता चल सकता है। लेकिन, मैमोग्राम से यह पता नहीं चल सकता है कि वो गांठ में कैंसर है कि नहीं? इसीलिये मैमोग्राम को शुरूआती जांच या स्क्रीनिंग टेस्ट (screening test) कहते हैं।
अगर मैमोग्राम में कुछ गांठ पाया जाता है, तो उसके बाद बायोपसी (Biopsy) होता है। यह सुई चुभा के गांठ के छोटे अंश को निकाला जाता है, जिससे पता चल सके कि गांठ किस प्रकार के सेल से बना है, और क्या वो कैंसर है कि नहीं?

5.  कब कराना चाहिये?

ब्रेस्ट कैंसर को जल्द-से-जल्द पहचानने के लिये मैमोग्राम नीचे लिखे अवधि पर कराना चाहिये।

6.  क्या मैमोग्राम हमेशा सही होता है?

हर जांच के तरह, मैमोग्राम में भी कुछ खामियां हैं, जिनके बारे में जानना आवश्यक है। * मैमोग्राम से बहुत छोटे साईज के कैंसर कभी-कभार नहीं भी दिख सकता है। इससे मरीज को झूठा तस्सली हो जायगा कि उसको कुछ नहीं है। इसको फाल्स नेगेटिव (False Negative) कहते हैं। इसीलिये, जरूरी है कि यह जांच नियमित रूप से सलाना कराना चाहिये। अगर आपको ब्रेस्ट कैंसर होने के लक्षण हैं, तो डाक्टर अन्य जांच करेंगे।

  • मैमोग्राम कोई भी गांठ को दिखा सकता है, जो कि कैंसर न हो। इससे मरीज को समझ में आयेगा कि उसे कैंसर है, जब कि और कोई बीमारी हो सकता है। इसको फाल्स पोजीटिव (False Positive) कहते हैं। अगर आपको कोई भी लक्षण हैं, तो डाक्टर अन्य जांच करेंगे।
  • कुछ तेजी से बढते हुये कैंसर ब्रेस्ट के बाहर, अन्य अंगों में भी फैल सकते हैं, इससे पहले कि मैमोग्राम उसको पहचान सके।

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7.  क्या रिस्क होता है?

मैमोग्राम में स्तन का एक्स रे होता है। यह एक्स-रे बहुत कम मात्रा का होता है। बार-बार कराने से यह नुकसानदायक नहीं होता है।

8.  कौन पढ़ता है?

रेडियोलोजिस्ट (Radiologist) मैमोग्राम पढ़ते हैं। उनको इसका ज्ञान और अनुभव होता है।

9.  मुझे क्या तैयारी करना चाहिये?

जिस दिन आपको मैमोग्राम करवाना हो, तो आप नीचे लिखे हुये बातों को ध्यान में रख सकते हैं।

  • स्तन, गला, कांख, या शरीर के उपरी भाग में, कोई भी पाउडर, सेंट, तेल या लोशन न लगा कर जायें। इससे उन सबका प्रतिबिम्ब, मैमोग्राम में आ सकता है, और फजूल में आपको ब्रेस्ट में गांठ होने का परेशानी होगा और फिर उसका जांच भी करवाना होगा।
  • जांच के वक्त टेकनिशयन को बतायें कि आपको कोई लक्षण है कि, जिससे वो आपका जांच अच्छे तरह से कर सकता है।
  • अगर आप पहले मैमोग्राम करवा चुके हैं, तो अपना पुराना मैमोग्राम का एक्स-रे और रिपोर्ट लाकर रेडियोलोजिस्ट (Radiologist) को दें। इससे उनको पिछले जांच से तुलना करने में आसानी होगा।
  • जांच से पहले बतायें कि अगर आप गर्भवती हैं कि नहीं? * अपने साथ घर से किसी सहयोगी को लेकर जायें?
  • अगर आपको पिछले जांच में कोई तकलीफ हुआ था, जैसे कि दर्द, तो जांच से पहले बतायें। इससे टेकनिशयन जांच में स्तन पर मशीन द्वारा कम दवाब डालेगा।

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10.  मैमोग्राम किस मशीन से होता है?

मैमोग्राम के लिये एक अलग तरह का एक्स-रे मशीन होता है। इसमें ब्रेस्ट को दो पाट के बीच में रख कर एक्स-रे लिया है। यह इसलिये किया जाता है कि स्तन को चिपटा करके और स्थिर रखके, गांठ पहचानने में आसानी होता है। साथ ही मशीन, विभिन्न स्थानों से एक्स-रे ले सकता है।

11.  किस जगह कराना चाहिये?

मैमोग्राम एक साधारण किंतु महत्वपूर्ण जांच है। इसमें गलती होने से आपको ब्रेस्ट कैंसर पहचानने में देर हो सकता है, और वो जानलेवा स्थिती हो सकता है। मैमोग्राम करानए से पहले कुछ उस जगह के बारे में पता कर लें, जैसे कि –
  • क्या वो जगह मैमोग्राम करने का काब्लियत रखता है? एक दिन में कितना मैमोग्राम होता है? अगर 15 से कम मैमोग्राम प्रतीदिन मैमोग्राम होता हो, तो हो सकता है कि वहां लोगों को उतना अनुभव नहीं है।
  • जांच का परिणाम अपने रेडियोलोजिस्ट के साथ मिलकर विचार करें। हमेशा अपना एक्स-रे जाकर देखें कि रेडियोलोजिस्ट डाक्टर क्या कह रहे हैं? अगर समझ न आये तो लिखकर रख लें और अपने मुख्य डाक्टर या जनानी डाक्टर से मिलकर बात करें।
  • अगर आपको कोई बात का संदेह है तो क्या वहां दो डाक्टर से अपना मैमोग्राम दिखलाने का सुविधा है कि नहीं?
  • क्या आपको अपना मैमोग्राम और उसके रिपोर्ट का कोपी मिल सकता है कि नहीं। इससे आप आगे जाकर तुलना करने में आसानी होगा। अब यह कोपी एक सी डी रोम (CD ROM) पर भी हो सकता है।
  • सबकुछ मिलाकर कितना खर्चा लगेगा? क्या वो आपका मेडिकल इंश्योरेंस लेते हैं?

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This page was last modified by Ravi Mishra on January 09, 2010, at 01:00 AM EST. Copyright 2008-2010 Nirog.info. All rights reserved.
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