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Cholesterol | कोलेसटेरोल


1.  क्या होता है?

कोलेस्ट्रोल एक चिकना पदार्थ होता है, जो कि शरीर के लिय अत्यंत आवश्यक है। यह शरीर में अनेक रूप में काम आता है| यह शरीर को अनेक तरह से मिलता है| 3/4 कोलेसटेरोल, लिवर (Liver) में बनता है, और 1/4 कोलेसटेरोल, खाने से मिलता है।

2.  नुकसान

शरीर में सामान्य रूप में कोलेस्ट्रोल पाया जाता है। शरीर, अत्याधिक कोलेसटेरोल को, चाहे तो पैखाना में निकाल देता है या चर्बी के रूप में जमा कर लेता है।
अत्याधिक कोलेस्ट्रोल और संबंधित विभिन्न प्रकार के चिकने पदार्थ, शरीर के लिए नुकसानदायक होता है। इसको हाईपर- कोलेस्टेरोलेमिया (Hyper-cholesterolemia) कहते हैं। इससे अनेक बीमारी हो सकता है, जैसे कि दिल का दौरा (Heart attack), सदमा (Stroke)

3.  आवश्यकता

यह शरीर में अनेक तरह से उपयोगी है –
  • शरीर के सबसे छोटे युनिट को सेल (cell, कोशिका) कहते हैं। अरबों सेल को जोड़ कर हमारा शरीर बनता है। हर सेल के बाहरी कवच चिकनाई युक्त होता है, जिससे कि उसका अस्तित्व रहता है। इस चिकनाई में 50 प्रतिशत कोलेस्ट्रोल होता है। यह खास करके हर सेल में पानी, अन्य पदार्थ और बिजली के आवहन को नियंत्रित करता है।
  • नसों (nerves) में यह दिमाग और शरीर के विभिन्न अंगों के बीच में सूचना का आदान प्रदान में खास महत्व रखता है।
  • कोलेस्ट्रोल, अनेक महत्वपूर्ण होरमोंस (hormones) के निर्माण में आवश्यक होता है। होरमोंस, शरीर में स्विच (switch) के जैसे काम करते हैं, मतलब कि शरीर के अनेक प्रक्रिया को शुरू या अंत (on – off) करते हैं, जैसे कि मासिक धर्म होना।
  • इसके अलावा कोलेस्ट्रोल, अनेक क्रियाशील पदार्थों का भी निर्माण करता है, जैसे कि -
    • सटेरोयड होरमोंस (Steroid Hormones) – यह शरीर में अनेक महत्वपूर्ण काम करता है, जैसे कि रक्तचाप और चीनी को नियंत्रित रखना।
    • अडरेनल होरमोंस (Adrenal Hormones) – यह शरीर में नमक – पानी का हिसाब रखता है।
    • विटामिन डी – जो कि हड्डीयों में केलशियम जमा करके, उसको मजबूत करता है।
    • बाईल एसिड जो चर्बी के पाचन में काम आता है।

कोलेस्ट्रोल के बिना जीवन संभव नहीं है, लेकिन अधिक कोलेस्ट्रोल जानलेवा भी होता है।

4.  प्रकार

वैसे तो कोलेस्ट्रोल तो एक ही प्रकार का होता है, लेकिन किस प्रकार के लाईपोप्रोटीन के संगत में कोलेस्ट्रोल है, उसे अच्छा कोलेस्ट्रोल (Good Cholestrol) या बुरा कोलेस्ट्रोल (Bad Cholesterol) कहा जाता है।
अगर काईलोमाईक्रोन (Chylomicron), वी एल डी एल (VLDL) और एल डी एल (LDL) लाईपोप्रोटीन (Lipoprotein) में स्थित कोलेस्ट्रोल के बारे में बात किया जा रहा है तो यह आपके शरीर के विभिन्न अंगों को ले जाया जाता है। वहां पर चाहे तो यह शरीर के पालन के लिय खर्च कर दिया जाता है, या फिर जमा कर दिया जाता है। अगर अत्याधिक कोलेस्ट्रोल ले जाया गया, तो यह जमा करने के सीमा को पार कर जाता है। तब कोलेस्ट्रोल अन्यत्र जगह, जैसे कि खून के नलियों (Blood vessel) में जमा होने लगते हैं। इससे उसे संकुचित कर देते हैं (narrow) या फिर जाम कर देते हैं (block)। अंत में यह विभिन्न अंगों में खून के प्रवाह को कम करके नुकसान पहुँचाता है, जैसे कि दिल का दौरा (heart attack) या सदमा (stroke)। इसीलिय इस प्रकार के कोलेसटेरोल को बुरा कोलेस्ट्रोल (Bad Cholesterol) कहते हैं।
दूसरे तरफ एच डी एल लाईपोप्रोटीन (HDL Lipoprotein) में स्थित कोलेस्ट्रोल के बारे में बात किया जा रहा है तो यह आपके शरीर के विभिन्न अंगों से लिपिड को, लिवर में ले जाता है। वहां पर चाहे तो वो नया लाईपोप्रोटीन बनाने में लगा दिये जाते हैं (recycle) या बाईल या पित्त द्वारा, पैखाने में निकाल दिये जाते हैं (excreted)। अंत में एच डी एल लाईपोप्रोटीन शरीर में कोलेस्ट्रोल को कम करके विभिन्न बीमारीयों से बचाता है। इसीलिय इस प्रकार के कोलेस्ट्रोल को अच्छा कोलेसटेरोल (Good Cholestrol) कहते हैं।

4.1  बुरा कोलेस्ट्रोल

  • इस प्रकार के लाईपोप्रोटीन शरीर में कोलेस्ट्रोल को बढाता है| और इससे लगे हुए कोलेस्ट्रोल को बुरा कहते हैं|
    • काईलोमाईक्रोन (Chylomicron), खाने से प्राप्त लिपिड को, शरीर के विभिन्न अंगों को ले जाता है।
    • वी एल डी एल (VLDL), लिवर में निर्मित लिपिड को, शरीर के विभिन्न अंगों को ले जाता है।
    • एल डी एल (LDL), लिवर में निर्मित लिपिड को, शरीर के विभिन्न अंगों को ले जाता है।

4.2  अच्छा कोलेस्ट्रोल

  • इस प्रकार के लाईपोप्रोटीन शरीर में कोलेस्ट्रोल को घटाता है| और इससे लगे हुए कोलेसटेरोल को अच्छा कहते हैं|
    • एच डी एल (HDL), शरीर के विभिन्न अंगों से लिपिड को, लिवर में ले जाता है।

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This page was last modified by Ravi Mishra on January 22, 2010, at 10:15 PM EST. Copyright 2008-2010 Nirog.info. All rights reserved.
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