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Cardiology: Cardiac stress test | कारडीएक स्ट्रेस टेस्ट

"कारडीएक स्ट्रेस टेस्ट (cardiac stress test)" क्या होता है?

यह एक जांच है जिससे पता चलता है की आपके दिल के रक्त के नालियों में कितना रुकावट (blockage) है| इस टेस्ट को "एकसारसाइज़ टेस्ट (exercise test)" या "ट्रेडमिल टेस्ट (treadmill test)" भी कहते हैं|

"कारडीएक स्ट्रेस टेस्ट" का सिद्धांत क्या है?

व्यायाम करने से आपके शरीर पर जोर पड़ता है| शरीर को अधिक आक्सीजन चाहिए होता है| इसके लिए शरीर को खून का बहाव बढाना पड़ता है| इसके लिए दो तरह से शरीर काम करता है - एक कि दिल का धड़कन मजबूत हो जाता है और दूसरा कि दिल के धड़कने का गति तेज हो जाता है| इस टेस्ट में दिल के धड़कने के बारे में जाना जाता है| यह भी पता चलता है कि दिल को सही तरह से खून मिल रहा है कि नहीं| साथ ही टेस्ट यह बताता है कि किस प्रकार का और कितना जोर का व्यायाम आप सह सकते हैं|

यह टेस्ट कब किया जाता है?

अगर आपको नीचे लिखे हुए में से कुछ भी है तो आपके डॉक्टर आपको यह टेस्ट लेने के लिए कह सकते हैं -

यह जांच कैसे किया जाता है|

इसमें आपको साइकिल चलाने दिया जा सकता है या फ़िर ट्रेडमिल पर चलने या दौड़ने को कहा जा सकता है| ट्रेडमिल के बारे में यहां पढ़ें| इस दौरान आप तारों से अनेक कंप्यूटर से जुड़े होते हैं जो कि आपके दिल के गतिविधीयां को रिकॉर्ड करते रहता है| इसमें अनेक बार ई सी जी (ECG | EKG) भी किया जाता है| साथ ही हाथ में लगे यन्त्र से खून में कितना आक्सीजन है या आक्सीजन सचुरेशन (oxygen saturation) को नापा जाता है| आपके सांस के गति, आपके दिल के धड़कन के गति, आपका थकावट, आपका रक्तचाप (blood pressure) को भी रिकॉर्ड किया जाता है|

इस जांच में किस बात का डर रहता है?

अगर आपके दिल के नालियों में बहुत अधिक रुकावट है, तो व्यायाम करने से दिल पर बहुत जोर पड़ता है| इस जांच के दौरान तेज चलने या दौड़ने से दिल के दौरा पड़ने का डर रहता है| अगर टेस्ट के दौरान आपको कोई भी परेशानी हो, जैसे की चक्कर आना, दर्द उठना, कमजोरी लगना इत्यादी, आप तुरंत अपने टेस्ट करने वाले कर्मचारी या डॉक्टर को बतायें| हो सकता है की आपका जांच बीच में ही रोकना पड़े| ध्यान रहे की टेस्ट समय के साथ कठिन होते जाता है, और आपको उसके साथ चल पाने में दिक्कत हो सकता है| इसीलिए टेस्ट में लगातार आपके सारे गतिविधियों को रेकॉर्ड किया जाता है|

टेस्ट के पहले क्या करना होता है?

आपने किसी संबन्धी के साथ यह जांच कराने जाएं | आपको अपना दवाई के बारे में डॉक्टर से पहले बात कर लेना चाहिए की सभी दवाई को खाना है, या किसी को कुछ समय के लिए बंद कर देना होगा| अगर आपको डायबिटीज़ है तो यह जरूर पूछ लें कि आप कब खा सकते हैं और क्या दवा लेना चाहिए| अगर आप गर्भवती हैं तो अन्य कोई स्थिती है, तो फिर अपने डॉक्टर को बता कर रखना चाहिए, जो यह जांच आप पर करेगा| अगर आप कोई दवा खाते हैं तो उसके बारे में अपने डॉक्टर को सही तरह से बतायें, और अगर याद न रहे तो दवा का पत्ती या शीशी साथ में ले आयें| अगर आयुर्वेदिक या अन्य कुछ और खा रहे हों, तो भी उसके बारे में अपने डॉक्टर को ज्ञांत करायें|

टेस्ट के बाद आपको क्या बात ध्यान में रखना चाहिए?

टेस्ट आपके दिल पर जोर डालता है, और दिल के दौरा पड़ने का सबसे बड़ा खतरा रहता है| अगर आपको टेस्ट के बाद, घर पहुंचने पर भी कोई भी परेशानी हो जैसे कि दर्द उठाना, पसीना आना, उल्टी होना और अन्य कोई दिल के दौरे का लक्षण हो, तो तुरंत अपने निकटतम अस्पताल या डॉक्टर के पास जाना चाहिए| साथ ही अपने डॉक्टर से सारा दवा और खाना के बारे में पूछ लेना चाहिए|
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