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Swine Flu | स्वाईन फलू


Novel H1N1 Flu | नया एच 1 एन 1 फलू

H1N1 Flu virus
एच 1 एन 1 फलू का वायरस

1.  संक्षिप्त वर्णन

स्वाईन फलू एक तरह का नया बीमारी है, जो कि साधारण सर्दी, खांसी और बुखार जैसे लक्षण देता है, लेकिन कभी कभार जानलेवा भी हो सकता है।

2.  “नया बीमारी”

यह एक नये प्रकार के रोगाणु या वायरस के द्वारा फैल रहा है, जो कि सबसे पहले अप्रैल, 2009 में पहचाना गया। इसमें नयापन यह है कि इस वायरस का जीन (gene) में अनेक परिवर्तन हैं, जो कि पहले के वायरस में नहीं देखे गये हैं।
साधारण सर्दी, खांसी और बुखार सभी जानवरों और मनुष्यों में होता है। यह वायरस के कारण होता है, हो कि उनको संक्रमित करते हैं। इस वायरण के जीन में हमेशा परिवर्तन होते रहता है, जिस कारण से इसका इलाज करना मुश्किल होता है। साथ ही, इस वायरस का किसी जीव को संक्रमित करने का क्षमता बढ़ते रहता है।
बर्ड फलू (bird flu), उस वायरस को कहते हैं, जो केवल चिड़ियों में फैलता है, जैसे कि मुर्गी, बत्तख और अन्य पक्षी।
एवियन फलू (avian flu), उस वायरस को कहते हैं, जो किसी जंगली चिड़ियों में फैलता है। इसका एक प्रतिरूप को एच 5 एन 1 फलू वायरस (H5N1) कहते हैं, जो कि मनुष्यों में भी फैल सकता है। यह जानलेवा भी हो सकता है, और इसके विरुद्ध कोई टीका भी नहीं है।
स्वाईन फलू (swine flu), उस वायरस को कहते हैं, जो कि एच 1 एन 1 फलू वायरस (H5N1) है। यह सुअरों में, चिड़ियों और मनुष्यों में फैलता है। यह जानलेवा भी हो सकता है। स्वाईन फलू को “नया बीमारी” इसी कारण से कहते हैं क्योंकि इससे पहले कभी नहीं हुआ था कि फलू वायरस जानवर, चिड़िया और आदमी में एक साथ फैल रहा है।

3.  प्रकोप

11 जून 2009 को, वर्ल्ड हेल्थ ओरगनाईजेशन (world health organization) ने यह घोषित किया गया कि यह वायरस समूचे संसार में मनुष्यों में महामारी फैला रहा है। इसको पेंडेमिक (pandemic) कहा जाता है। अभी तक वैज्ञानिक, इसके विरुद्ध टीका पर काम कर रहे हैं।

4.  प्रसार

यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को फैल सकता है। यह किसी मरीज़ के छींकने से, खांसने से, हाथ न धोने से किसी दूसरे व्यक्ति को फैल सकता है। क्योंकि यह छूने से फैलता है, तो अगर आप किसी मरीज को छूते हैं या हाथ मिलाते हैं, और आप बगैर हाथ धोये, आप अपने मुंह या नाक को छूते हैं, तो आपको फलू हो सकता है।
अभी तक के रिसर्च के अनुसार, कोई मरीज़ बीमारी शुरू होने से 1 हफ्ता के बाद तक, किसी दूसरे व्यक्ति को फलू फैला सकता है।
फलू खाने से नहीं फैलता है। पोर्क (pork), सुअर के मीट को कहते हैं। स्वाईन फलू पोर्क या सुअर के मीट के खाने से नहीं फैलता है। यह ध्यान रहे कि कोई भी मीट अच्छे तरह से बना हुआ हो।
अभी तक के रिसर्च के अनुसार, सामान्य नल के पानी पीने से फलू नहीं फैलता है। ध्यान रहे कि सप्प्लाई पानी को पहले से क्लोरीन (chlorine) देकर साफ किया गया है।

5.  लक्षण

आपको किसी अन्य सर्दी के जैसा, इस बीमारी में भी बुखार, खांसी, छींकना, गले में खराश, गला दुखना, नज़ला, सिरदर्द, थकावट, ठंडा लगना और कमजोरी लग सकता है। कुछ लोगों को उल्टी और दस्त भी लग सकता है। कुछ लोगों का गंभीर बीमारी से मौत भी हो सकता है।

6.  संभावित मरीज

वैसे तो फलू किसी को हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों को अति गंभीर बीमारी हो सकता है। वो लोग हैं -
  • बूढ़े लोगों में
  • 5 साल से कम उम्र के बच्चों में
  • गर्भवती महिला में
  • कोई भी व्यक्ति को जिसे कोई अन्य गंभीर बीमारी हो, जैसे कि आस्थमा, डायबिटीज़

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