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Newborns: Breastfeeding positions | स्तनपान के विभिन्न तरीके

ब्रेस्टफीडिंग के विभिन्न तरीके

ब्रेस्ट्फीडिंग के विभिन्न तरीके होते हैं। आप इसमें से जो भी आपको आसान लगे, वह अपना सकते हैं। यहां उन तरीकों के बारे में बताया जा रहा है। जो भी तरीका अपनायें, यह जानना जरूरी है कि बच्चा सही तरह से दूध पी रहा है, अन्यथा नवजात शिशु का अच्छे तरह से पोष्ण नहीं होगा। साथ ही, गलत तरह से दूध पिलाने से, स्तन में अनेक तरह का परेशानी हो सकता है, जो आगे जाकर बच्चे को दूध पिलाने में दिक्कत कर सकता है। ये स्थिती हो सकता है, जैसे कि निप्पल में दर्द, कटना, खून बहना, अत्याधिक दूध भरा रहना इत्यादि। इन सभी के बारे में अन्य जगह बताया गया है। कुछ स्तनपान के विभिन्न तरीके नीचे दिये गये हैं।

“लेचिंग” (latching) का क्या मतलब होता है?

“सही तरह से बच्चा को दूध पिलाने” को लेचिंग कहते हैं। सही तरह के लेचिंग के समय, बच्चे का मुंह स्तन पर इस तरह लगा होता है कि बच्चे का मुंह बड़ा खुला होता है, और उसका नीचे का मसूड़ा, ब्रेस्ट के निप्पल और एरियोला का घेरा होता है। इसके बारे में यहां बताया गया है।

क्रेडल होल्ड (cradle hold) क्या होता है?

Cradle hold
Cradle Hold (c) roniweb
इस स्थिती में आप अपने बच्चे के सिर को, अपने कोहनी के अन्दर से, सहारा दे सकते हैं। दूसरे हाथ के सहायता से अपना स्तन बच्चे के मुंह से लगा सकते हैं। यह सबसे ज्यादा प्रचलित तरीका। शुरू के हफ्तों में यह तरीका अपनाने में मुश्किल हो सकता है, क्योंकि बच्चा का गर्दन कमजोर होता है, और इस स्थिती में कोई अन्य तरीका आप अपना सकते हैं। बाद में, जब बच्चा का गर्दन मजबूत हो जाता है, तो अपना सिर उठा कर आपके स्तन से लगा सकता है, और तब यह तरीका बहुत ही सुविधाजनक लग सकता है।

क्रोस-ओवर होल्ड (Cross-over hold) क्या होता है?

इसमें आप अपने हाथ से बच्चे के सिर को सहारा देते हैं। आपकी उंगलियां उसके एक कान के पास होती हैं, और अंगूठा, दूसरे कान के पास होती हैं। बच्चा का सिर हथेली पर होता है। अपने दूसरे हाथ से आप अपने स्तन को बच्चे के नाक के स्तर पर रखते हैं, उसके मुंह के स्तर पर नहीं रखना चाहिये। जब बच्चा संकेत मिलने पर बड़ा मुंह खोलेगा, तब आप उसे अपने स्तन से लगा लें। अपने दूसरे हाथ के उंगलियों और अंगूठा को अपने स्तन के एरियोला के पीछे रखकर, अपना स्तन को बच्चे के मुंह के तरफ निर्धारित करें। इस तरह आप सही तरह से लेचिंग कर सकते हैं। अगर सही तरह से नहीं हो रहा है, तो ध्यान दें कि क्या बच्चा का मुंह पूरा तरह से खुला है कि नहीं, क्या उसका सिर को आपके हथेली से पूरे तरह से सहारा मिल रहा है कि नहीं, क्या उसका नाक का स्तर (level) आपके स्तन के बराबर है कि नहीं और अन्य बातें।


फुटबाल होल्ड (football hold) क्या होता है?

Football hold
Football Hold
इसमें आप अपने बच्चे को बगल में रखते हैं। पहले आप आराम से कुर्सी पर बैठ जायें, या पल्थी ले के बैठ जायें। बगल में एक तकिया रख लें। बच्चे को उस पर लिटा दें। इसमें आप अपने हाथ से बच्चे के सिर को सहारा देते हैं, जैसे कि आप अपने बगल में एक फुटबाल को पकडे हुये हैं। आपकी उंगलियां उसके एक कान के पास होती हैं, और अंगूठा, दूसरे कान के पास होती हैं। बच्चा का सिर हथेली पर होता है। अपने दूसरे हाथ से आप अपने स्तन को बच्चे के नाक के स्तर पर रखते हैं, उसके मुंह के स्तर पर नहीं रखना चाहिये। जब बच्चा संकेत मिलने पर बड़ा मुंह खोलेगा, तब आप उसे अपने स्तन से लगा लें। अपने दूसरे हाथ के उंगलियों और अंगूठा को अपने स्तन के एरियोला के पीछे रखकर, अपना स्तन को बच्चे के मुंह के तरफ निर्धारित करें। इस तरह आप सही तरह से लेचिंग कर सकते हैं।

फुटबाल होल्ड (football hold) कब करना चाहिये?

साईड-लाइंग होल्ड (Side lying hold) क्या होता है?

side lying position
Side lying position
इसमें आप बच्चे को सो कर दूध पिलाते हैं। बगल में करवट लेकर लेट जायें। एक हाथ से आप बच्चे को सहारा देते हैं, और दूसरे हाथ से आप अपने स्तन को बच्चे के मुंह तरफ निर्धारित करते हैं।

साईड-लाइंग होल्ड (Side lying hold) कब करना चाहिये?

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