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Transient Tachypnea Newborn


1.  नाम

  • Transient Tachypnea of Newborn (TTNB) = ट्रांसइयंट टेकिप्निया ऑफ़ न्युबोर्न
  • Wet Lungs = वेट लंग्स

2.  यह क्या होता है?

जन्म से पहले, गर्भ में बच्चे के फेफड़े में पानी भरा होता है | गर्भ के दौरान बच्चे का फेफड़ा, सांस लेने के लिए इस्तेमाल नहीं होता है| इस समय बच्चे को मां से, प्लासेन्टा द्वारा आक्सीजन मिल रहा होता है|
जन्म लेने के बाद, बच्चे के पहले रोने से ही, बच्चे के फेफड़े को सांस लेना पड़ता है| इसका मतलब है कि, जहां फेफड़े में पानी भरा था, उसके बदले में हवा भरा होना चाहिए| यह बदलाव पहले सांस से ही शुरू हो जाता है, और सम्पूर्ण बदलाव में कुछ देर लगता है| कुछ बच्चे मिनटों में सही तरह से सांस लेने लगते हैं, तो कुछ को इस बदलाव में कुछ दिन लग जाता है| इस विलंब को ट्रांसइयंट टेकिप्निया ऑफ़ न्युबोर्न ( Transient Tachypnea of Newborn ) कहा जाता है|

3.  किसको ख़तरा है?

कुछ बच्चों को यह बीमारी होने का अधिक ख़तरा रहता है, जैसे कि -
  • पूरे समय से हुए बच्चे में या टर्म (term) बच्चे में यह अधिक होता है
  • जो शिशु, सिजेरियन सेक्शन से पैदा हुए हों (cesarean section)
  • जो शिशु, बहुत जल्दी पैदा हो गए हों (rapid vaginal delivery)

4.  लक्षण

बच्चे के फेफड़े के कुछ जगहों में पानी भरा होता है| इससे बच्चे को सांस लेने में और खाने में तकलीफ होता है| कुछ लक्षण नीचे दिए गए हैं -
  • तेज सांस लेना, जिसे टेकिप्निया कहते हैं
  • सांस छोड़ते समय आवाज निकलना, जिसे ग्रंटिंग (grunting) कहते हैं
  • छाती अन्दर के ओर खिंचना, जिसे रिट्रेकशं (retraction) कहते हैं
  • होंठ और नाख़ून नीला पड़ जाना, जिसे स्यनोसिस (cyanosis) कहते हैं
  • दूध पीने में दिक्कत
Transient Tachypnea of Newborn
नवजात शिशु के छाती का एक्स-रे

5.  जांच

  • छाती का एक्स-रे, में फेफड़े में पानी भरे होने के कारण फेफड़ा स्लेटी या धुंधला दिखता है| अगर नवजात शिशु ठीक रहता तो, उसका फेफड़ा इससे अधिक काला दिखता|
  • ब्लड गेस या खून में गेस का जांच पड़ताल

6.  इलाज

  • सांस लेने में सहायता
    • आक्सीजन
      • नाक से नली द्वारा आक्सीजन देना, जिसे "नेसल केनुला" (nasal cannula) कहते हैं
      • नाक से नली द्वारा आक्सीजन और प्रेशर देना, जिसे "नेसल सीपेप" (nasal cpap) कहते हैं
      • गंभीर बच्चों को मशीन द्वारा आक्सीजन देना पड़ सकता है, जिसे "मेकनिकल वेंटीलेटर" (mechanical ventilator) कहते हैं
  • खाने में सहायता करना
    • सुई द्वारा पानी देना
  • शारीरिक तापमान बनाये रखना
    • बच्चे को मशीन द्वारा सही तरह से तापमान बनाये रखा जाता है

7.  आगे क्या होगा

  • इस बीमारी का बाद में कोइ दुर्प्रभाव नहीं रहता है| आधिकांश समय, यह बीमारी 1 से 3 दिन में ठीक हो जाता है|

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This page was last modified by Ravi Mishra on January 11, 2010, at 08:47 PM EST. Copyright 2008-2010 Nirog.info. All rights reserved.
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