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Diet Controlled Diabetes | डाइट कंट्रोल्ड डायबिटीज़ - 1


1.  डायबिटीज़ को खाना से कैसे नियंत्रित करें?

यहां हम बात करेंगे की डायबिटीज़ को खाने से कैसे नियंत्रित करें, जिसे डाइट कंट्रोल्ड डायबिटीज़ कहते हैं| यह विषय सरल है किंतु बहुत लम्बा है, इसीलिए यह आपको छोटे छोटे खंड में बताया जायेगा| साथ ही आपको इस वेबसाईट पर उपलब्ध अन्य संबंधित पन्नों का लिंक दर्शाया जाएगा|
डायबिटीज़ डाइट कोई एक चीज को नहीं कहा जाता है, किंतु यह हर व्यक्ति के लिए अलग अलग हो सकता है| कहने का मतलब है की अगर कोई आदमी पतला है और अत्यधिक काम करता है, तो उसका डाइट निश्चित ही किसी मोटे आदमी से अलग होगा | बहरहाल कुछ बातें हैं जो सभी के लिए लागू होते हैं, जिनके बारे में हम बात करेंगे|
साथ ही यह डाइट उन लोगों के लिए भी है , जिन्हें डायबिटीज़ हुआ नहीं हैं, किंतु आगे जाकर हो सकता है| इन लोगों को प्री-डायबिटीज़ के स्थिती में कहा जाता है|

2.  डायबिटीज़ के इलाज में क्या ४ उद्देश्य हैं?

डायबिटीज़ के इलाज में ४ उद्देश्य हैं, जिनका जिक्र नीचे किया गया है -

  • खून में चीनी का स्तर (बल्ड शुगर या Blood Sugar) को नियंत्रण में रखना| इसके लिए आपका खाना, परहेज, व्यायाम, दवा, नियमित जांच और सही तरह से इलाज जरूरी है|
  • कोलेसटेरोल और अन्य तेल युक्त पदार्थों पर नियंत्रण रखना जिससे कि दिल का दौरा और उच्च रक्तचाप या हाई बल्ड प्रेशर के बीमारी से बच सकें
  • अपना वजन पर ध्यान दें, न अधिक मोटा होना चाहिए और न अधिक पतला|
  • डायबिटीज़ के कोम्प्लीकेशन (complication) से बचें|

3.  डाइबिटीज़ डाइट के बारे में संक्षिप्त निर्देश -

आपके खाना में मौलिक रूप से 3 प्रमुख भाग होते हैं। वो हैं कार्बोहाइड्रेट (carbohydrate), प्रोटीन (Protein) और फ़ेट (Fat)। इसके अलावा, शरीर को चाहिये होता है पानी, अन्य विटामिन (Vitamins) और धातु (minerals)। इन सभी का सही मिश्रण आपको सभी समय लेना चाहिये, ताकि आप किसी रोग से बच सकें। अगर इसमें से कोई भी भाग को कम या अधिक लिया जाता है, तो बीमारी होने का संभावना बढ जाता है।
यहां पर डाइबिटीज़ डाइट में खाना कैसा हो, इसका संक्षिप्त विवरण दिया जा रहा है। शरीर को चालने के लिये “उर्जा” चाहिये होता है जिसे “कैलोरी” (Calories) कहा जाता है। कैलोरी आपको खाने से मिलता है। आपका शरीर, खाना में से पाचनक्रिया के बाद, उसमें से कैलोरी का उत्पादन करता है। यह कैलोरी आपके शरीर में चाहे तो खपत हो जाता है, या फिर इसको फ़ेट या चर्बी के रूप में जमा कर दिया जाता है। और अत्याधिक चर्बी आपको मोटापा और उससे संबंधित रोग देता है।

4.  डाइबिटीज़ डाइट में, खाना के तीन प्रमुख भाग को “कितना” लेना चाहिये?

प्रतिदिन कैलोरी का बंटवारा, आपको इस प्रकार से करना चाहिये -
  • 45 से 65 प्रतिशत कैलोरी आपको कार्बोहाइड्रेट (carbohydrate) से लेना चहिये।
  • 25 से 35 प्रतिशत कैलोरी आपको फ़ेट (Fat) से लेना चहिये।
  • 12 से 20 प्रतिशत कैलोरी आपको प्रोटीन (Protein) से लेना चहिये। जिनको गुर्दे का बीमारी है (kidney problems), उन्हें प्रोटीन से 10 प्रतिशत से कम कैलोरी लेना चाहिये।
  • साथ ही अगर आपको मोटापा है, तो वजन घटाना चाहिये। अपना बी एम आइ (BMI) को 25 से कम रखने का कोशिश करें।

5.  डाइबिटीज़ डाइट में, खाना के तीन प्रमुख भाग को “कैसे” लेना चाहिये?

  • कार्बोहाइड्रेट (carbohydrate) के लिये अच्छे स्रोत हैं – सब्जी, फल, संपूर्ण अनाज (जो छिलका के साथ पीसा गया हो, जैसे कि होल ग्रेन ब्रेड), दाल। इनमें अधिक करके रेशा भी होता है जो कि आपको पाचन में मदद करता है।
  • फ़ेट (Fat) के लिये अच्छे स्रोत नीचे दिये गये हैं।
    • मूफा (MUFA) और पूफा (PUFA) खाना चाहिये
      • मूफा का मतलब है मोनोअनसचुरेतेड फेटी असिड (monounsaturated fatty acid, MUFA)। यह इन चीज़ों में मिलता है – जैतून (Olive), मूँगफली (peanut / groundnut), सफेद सरसों (canola), बादाम (nuts), रूचिरा (avocado), इत्यादि। इनसे उत्पादित तेल भी आपके लिये फाय्देमंद रहेगा।
      • पूफा का मतलब है पोलीअनसचुरेतेड फेटी असिड (polyunsaturated fatty acid, PUFA)। इसमें से खास करके ओमेगा 3 (omega 3) प्रकार का पोलीअनसचुरेतेड फेटी असिड लेना चहिये। यह इनमें मिलता है – मच्छी, अखरोट (Walnut), अलसी (Flaxseed)। इनसे उत्पादित तेल भी आपके लिये फाय्देमंद रहेगा।
    • सचुरेतेड फेटी असिड (saturated fatty acid, SFA) को कम से कम लेना चहिये। इससे आपको 7 प्रतिशत से कम कैलोरी लेना चाहिये। इनके उदाहरण हैं – बटर (butter), लाल मांस (red meat)। लाल मांस (रेड मीट, red meat), उस मांस को कहते हैं, जो कि कच्चा स्थिती में लाल रंग का होता है, जैसे कि किसी जानवर का मीट। भेड, गाय, बतख, हंस से रेड मीट मिलता है। बकरी का गोश्त या मटन फिर भी बेहतर होता है।
    • ट्रांस फेटी असिड (Trans fatty acid) से 1 प्रतिशत से कम कैलोरी लेना चाहिये। यह नाश्ते, तले हुये चीजों में, चिप्स इत्यादि में मिलता है।
    • बाजार में अगर उप्लब्ध है तो फेट निकाला हुआ या कम फेट वाला दूध (Low or no fat milk) लेना चाहिये।
  • प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं – मच्छी, सोयाबीन, चिकन, अंडा।

6.  खाना के तीन प्रमुख भाग को “कितना” लेना चाहिये, यह आप कैसे नाप सकते हैं?

इसके लिये विभिन्न तरीके हैं, जो घर पर उपयोग करके, खाना के तीन प्रमुख भाग को “कितना” लेना चाहिये, यह आप नाप सकते हैं। इसमें से कुछ इस प्रकार से हैं -
  • डाइबिटीज़ एक्सचेंज लिस्ट (Diabetes exchange list) – इससे आप जान सकते हैं कि आप खाना में क्या फेर-बदल कर सकते हैं, और फिर भी अपना कार्बोहाइड्रेट (carbohydrate), प्रोटीन (Protein) और फ़ेट (Fat) का दैनिक जरूरत पूरा कर सकते हैं।
  • कार्बोहाइड्रेट काउंटिंग (carbohydrate counting) या कितना कार्बोहाइड्रेट खा रहे हैं, उसका गिनती रखना।
  • ग्लाइसेमिक इंडेक्स (Glycemic index) – इससे आप जान सकते हैं कौन खाने से आपका बल्ड शुगर (खून में चीनी) अधिक हो जायेगा।

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This page was last modified by Ravi Mishra on January 24, 2010, at 11:37 PM EST. Copyright 2008-2010 Nirog.info. All rights reserved.
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