Type in Hindi 

Printer Friendly  PDF Share Toolbar  Mobile 
Home > Nutrition > Mets | मेट्स

Mets | मेट्स


1.  मेट्स या मेटाबोलिक इक्विवेलेंट क्या होता है?

मेट्स या मेटाबोलिक इक्विवेलेंट (Mets or Metabolic Equivalent) - यह बताता है कि आपका शरीर, काम के वक्त, कितना उर्जा खर्च करता है? यह आपके बी एम आर के अनुपात में होता है। जैसे कि अगर आप तेजी से 1 घंटे चलते हैं, और आप करीब अपने बी एम आर से तीन गुणा अधिक उर्जा खर्च करते हैं, तो उसे तीन मेट्स कहते हैं। रिसर्च के द्वारा अनेक खेल-कूद और सामान्य घरेलू कार्य के लिये मट्स का अनुमान निकाला गया है। अंत में, जितना अधिक मेट्स होगा, उतना अधिक वो मेहनत का काम होगा। आपके सेहत के लिये, आप बिना परेशानी के, जितना अधिक मेट्स करने के काबिल होंगे, उतना ही आपका सेहत अच्छा होगा। इसके बारे में अधिक जानने के लिये यहां क्लिक करें।
1 मेट्स का मतलब होता है उतना उर्जा जो कि कोई व्यक्ति जब शांति से बैठा होता है। उदाहरण के लिये, किसी 70 किलोग्राम या 154 पाउंड के सामान्य व्यस्क के लिये, 1 मेट्स का मतलब होता है 1.2 कैलोरीज़ प्रति मिनट। यह 1 बी एम आर के बराबर होता है। इस स्थिर स्थिती में वह व्यक्ति करीब 3.5 मिलीलिटर आक्सीजन प्रति किलोग्राम वजन प्रति मिनत खर्च करता है या 3.5 ml Oxygen / kg / minute| कोई भी काम 1 बी एम आर से अधिक होता है, और उसका बी एम आर के अनुपात को मेट्स कहते हैं।

2.  मेट्स का क्या इस्तेमाल होता है?

यह खास करके व्यायाम करने के लिये और वजन घटाने के काम में आता है। रिसर्च द्वारा अलग-अलग सारणी प्रकाशित किये जा चुके हैं, जिससे पता चलता है कि विभिन्न खेल में या विभिन्न दैनिक काम में कितना मेट्स लगता है। जो लोग खेल-कूद में आगे बढना चाहते हैं, वो अपना मेट्स को धीरे-धीरे बढा सकते हैं। वैसे ही जो लोग वजन कम करने का कोशिश कर रहे हैं, वो भी अपने सहनशीलता के अनुसार अपना मेट्स बढा सकते हैं।

3.  क्या अधिक मेट्स खतरनाक होता है?

अधिक मेट्स आपके शरीर और खास करके आपके दिल पर जोर डालता है। अचानक बहुत अधिक मेहनत करने से, जो कि आपके लिये बहुत मेट्स हो सकता है, आपको दिल का दौरा दे सकता है। इसीलिये शुरू में इस प्रकार का कार्यक्रम हमेशा किसी व्यवसायिक व्यायामशाला या किसी हस्पताल के ट्रेडमिल पर करें, जहां आपके दिल का धडकन का लगातार रिकोर्ड किया जा रहा है। अगर यह सब नहीं है, तो आप खुद अपने सहनशक्ति के अनुसार, मेहनत के डिग्री को बढायें। साथ ही आप अपना दिल के धडकन को भी नाप सकते हैं। इसके बारे में यहां बताया गया है।

4.  क्या मेट्स सभी के लिये बराबर होता है?

नहीं, समान कार्य उम्र के साथ अलग मेट्स देगा। उदाहरण के लिये जो काम किसी व्यक्ति के लिये आसान लगेगा, वही काम किसी 70 साल के व्यक्ति को भारी लगेगा। इसका मतलब है कि उस 70 साल के व्यक्ति के लिये मेट्स अधिक होगा।

5.  मेट्स का वर्गीकरण कैसे होता है?

काममेट्स
कम मेहनतवाले काम3 से कम मेट्स
अधिक मेहनतवाले काम3 से 6 मेट्स
बहुत अधिक मेहनतवाले काम6 से 9 मेट्स
कठिन मेहनतवाले काम9 से 12 मेट्स

6.  इससे संबंधित विषय

आपका स्वास्थ्य

आपका खाना

प्रसिद्ध विषय

इंटरनेट पर संबंधित जानकारी

खबरें चित्र विडीयो सन्दर्भ लिंक्स
रिसर्च विकिपेडिया

सम्बंधित लिंक्स

This website is certified by Health On the Net Foundation. Click to verify. This site complies with the HONcode standard for trustworthy health information: verify here.

This page was last modified by Ravi Mishra on January 25, 2010, at 02:57 AM EST. Copyright 2008-2010 Nirog.info. All rights reserved.
↑ Top  Home  Search: Terms  About Us  Awards  Valid XHTML  Valid CSS  Login 

Visit our channels at: Amazon  Twitter  Youtube  Scribd