From Nirog: Health Information in Hindi

STD: HIV in Kids | बच्चों में एच आइ वी

बच्चों में, एच आइ वी कैसे होता है?

आधिकांश बच्चे, जिन्हें एच आइ वी होता है, वो जन्म के समय, अपने संक्रमित मां से एच आइ वी पाते हैं। कुछ बच्चों में एच आइ वी संक्रमित खून मिलने के कारण होता है।
अगर संक्रमित मां अपना जांच करा के, सही तरह से दवा ले और इलाज कराये, तो अपने नवजात शिशु को एच आइ वी से बचा सकती है। खून प्राप्त करने से पहले, एच आइ वी का जांच कराने से, एच आइ वी का संक्रमण रोक सकते हैं।

बच्चे किस प्रकार से अलग हैं?

बच्चों के शरीर का प्रतिरक्षा पूरे तरह से तैयार नहीं होता है। एच आइ वी के विरुध, बच्चों का अलग तरह का व्यवहार रहता है। सी डी 4 सेल की गिनती (CD4 cell count) और वाइरल लोड की गिनती (viral load count), दोनो ही बच्चों में बडे लोगों से अधिक होता है। 4 से 5 साल के उम्र तक, वाइरल लोड कम होता है, फिर स्थिर हो जाता है।
बच्चों में एच आइ वी के दवाओं का भी दूसरे तरह का प्रभाव होता है। सी डी 4 सेल की गिनती (CD4 cell count) अधिक बढता है और बहुतेरे तरह का होता है। बडे लोगों के अनुपात में, बच्चों में उनका प्रतिरक्षा अधिक ठीक होता है।
बडे लोगों के अनुपात में, बच्चों के शरीर में पानी और चर्बी अधिक होता है। इससे उनके शरीर में दवा का उपलब्ध मात्रा पर असर पडता है। बच्चों में मेटाबोलिस्म (metabolism) या शरीर के कोशिकाओं (cell) में बनाने-बिगाडने के विभिन्न प्रतिक्रिया अधिक होता है। उम्र बडने पर यह मेटाबोलिस्म धीमा होता है।

शरीर में से दवा को कलेजा (liver) हटाता है। कलेजा को पूरे तरह से तैयार होने में कुछ साल लगते हैं। जैसे यह तैयार होता है, दवाओं के गाढापन पर बहुत असर पडता है।

हड्डीयों को एच आइ वी के दवा कमजोर कर देते हैं। यह व्यसकों और बच्चों में देखने को मिलता है।

बच्चों में कया नया शोध है?

अमेरीका, युरोप और अन्य जगहों पर बच्चों में एच आइ वी पर अनेक शोध चल रहे हैं। बडे लोगों के अनुपात में बच्चों में शोध करना एक दिक्कत का काम है, और इसी कारण से बच्चों में एच आइ वी पर शोध कम है। इसके बारे में अलग – अलग जगह बताया गया है।

बच्चों में एच आइ वी का कया इलाज है?

बच्चों में एच आइ वी का इलाज किसी एच आइ वी के जानकार और बच्चों के डाक्टर से कराना चाहिये।
ऎंटी रिट्रो वाइरल थेरापी या एच आइ वी का दवा बच्चों में अच्छे तरह से काम करता है। बडों के जैसे ही, एच आइ वी पिडित बच्चों में भी, दवा लेने से, मृत्यु दर बहुत कम हो गया है। अभी तक अमेरिका में, 12 तरह के दवाओं को बच्चों में इस्तेमाल करने का मंजूरी है।
बच्चों में सही खुराक का अनुमान करना एक मुशकिल काम है। कभी इन दवाओं का खुराक केवल उनके वजन के अनुपात रखा जाता है, तो कभी उनके बोडी मास इंडेक्स (BMI, Body Mass Index) या उनके उँचाई और वजन के अनुपात में रखा जाता है। जैसे कि पहले बताया गया है कि इन दवाओं पर बच्चों के बदलते और बढते शरीर का काफी प्रभाव रहता है। इसी कारण से इन दवाओं के खुराक को समय-समय पर ठीक करना होता है।
बच्चों के उम्र के अनुसार भी दवाओं को निरधारित किया जाता है। नवजात शिशुओं के लिये दवा, बुरादा या पाउडर (powder) या तरल (liquid), के रूप में आता है। कभी ये दवा दानेदार (granular) होते हैं। कुछ दवाओं के गोटी (tablet) को चूर के खाने-पीने में मिला के दिया जा सकता है। बडे बच्चे जो गोटी (tablet) या कैपसूल (capsule) को निगल सकते हैं, उनके लिये अनेक दवा उपलब्ध हैं।
जब कभी आप दवा के गोटी (tablet) को काट के बच्चों को देते हैं, तो उसमें भी कुछ परेशानियां हैं। कुछ गोटी को ठीक तरह से काट नहीं सकते हैं। विभिन्न खंडों में अलग – अलग मात्रा में दवा हो सकता है।

-बच्चों में दवा कब शुरू करना चाहिये, यह विवादस्प्रद है। जल्द इलाज शुरू करने से आप अपने बच्चे के शरीर के प्रतिरक्षा को नष्ट होने से बचा सकते हैं। देर से इलाज शुरू करने से दवाओं के दुषप्रभाव से बच सकते हैं। किंतु बडों के अनुपात में, बच्चों में इलाज न शुरू करने से एच आइ वी संबन्धित बीमारीयां जल्दी प्रकट हो जाते हैं। बगैर एच आइ वी के इलाज के, 5 में से 1 बच्चे को या बीस प्रतिशत को, एक साल के भीतर, ऎडस या मौत हो जायेगा। अमेरिका में बच्चों का इलाज 3 महीने से पहले चालू हो जाता है।

बच्चों में इलाज के प्रति निष्ठा कैसे हो?

बच्चों में एच आइ वी का इलाज के प्रति निष्ठा होना एक बहुत मुश्किल काम है। इसमें दोनो बच्चों को और उनके देखभाल करनेवाले या उनके माता-पिता को सहारा चाहिये होता है। बच्चों को यह समझना मुश्किल होता है कि इन दवाओं के दुषप्रभाव के बावजूद, उनको लेना क्यों जरूरी है। कभी इन दवाओं को खाने में दिक्कत होता है। नवजात शिशु में कभी-कभार यह दवा प्लास्टिक के नली (plastic catheter) के द्वारा दिया जाता है।
अधिकांश समय, इन बच्चों के माता या पिता को खुद ही एच आइ वी – ऎडस होता है, जिससे वो खुद परेशान होते हैं। उनका दवा अलग हो सकता है, खुराक हो सकता है, समय अलग हो सकता है, इत्यादि।

सारांश कया है?

जहां गर्भवती महिला का सही तरह से इलाज किया जाता है, तो बच्चों में एच आइ वी बहुत कम होता है। बच्चों में, एच आइ वी का इलाज जटिल है। सभी तरह का दवा बच्चों को नहीं दिया जा सकता है। सही खुराक नहीं मालूम होता है। उस पर से बच्चों को ये दवा निष्ठापूर्णरूप से लेने में दिक्कत होता है। फिर भी बडे लोगों के अनुपात में, बच्चों में उनका प्रतिरक्षा अधिक ठीक होता है। बच्चों में एच आइ वी का इलाज किसी एच आइ वी के जानकार और बच्चों के डाक्टर से कराना चाहिये।
Retrieved from http://nirog.info/index.php?n=STD.HIV-Children
Page last modified on February 04, 2010, at 03:18 PM EST