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Pregnancy in HIV | एच आई वी में गर्भ


1.  नवजात शिशु को एच आइ वी कैसे होता है?

नवजात शिशु को एच आइ वी अपने संक्रमित मां से प्राप्त होता है। बिना इलाज के, 100 में से 25 बच्चे को एच आइ वी हो सकता है। जिन माताओं का “वाईरल लोड” अधिक है, उनके बच्चों को एच आइ वी होने का अधिक संभावना है। लेकिन “वाईरल लोड” का कोई भी सुरक्षित संख्या नहीं होता है। एच आई वी का प्रसार जन्म के तुरंत पहले या जन्म के दौरान होता है, क्योंकि उसमें नवजात शिशु, अपने संक्रमित मां के खून के सम्पर्क में आता है। संक्रमित मां के दूध पीने से भी बच्चे को एच आई वी हो सकता है। जिन पुरुषों को एच आइ वी होता है, उनके वीर्य से एच आइ वी ह्टा के (sperm wash), गर्भ धारण किया जाता सकता है, किंतु यह सभी जगह उपलब्ध नहीं है।

2.  शिशु को एच आइ वी से कैसे बचा सकते है?

संक्रमित मां, अपने नवजात शिशु को एच आइ वी से बचाने के लिये, कुछ उपाय कर सकते हैं।

  • एच आइ वी का सही तरह से दवा लेने से
  • प्रसव (delivery) समय को छोटा रख के
  • सत्नपान (breastfeeding) में एतिहात से

3.  एच आइ वी का दवा कैसे लें?

एच आइ वी का सही तरह से दवा लेने से, संक्रमित मां से नवजात शिशु को एच आइ वी का प्रसार बहुत कम हो जाता है। है। एच आइ वी के दवाओं के मिश्रण लेने से, 100 में से 1 या 2 बच्चे को एच आइ वी हो सकता है। जब मां प्रसव के आखिरी छः महीनो में और नवजात शिशु जन्म के बाद छः हफ्तों तक केवल ज़ीडोवुडीन (AZT) लेते हैं, तो 100 में से 4 बच्चों को एच आइ वी हो सकता है।

अगर मां गर्भ में कोई दवा नहीं लेती है, तो प्रसवकाल में भी दवा लेने से यह खतरा आधा हो सकता है।

  • ज़ीडोवुडीन (AZT) और लामीवुडीन (3TC) प्रसव के दौरान, और दोनो मां और बच्चे को जन्म के बाद 1 हफ्ता के लिय ।
  • नेवीरापिन का एक खुराक मां को प्रसव के समय, और नेवीरापिन का एक खुराक बच्चे को जन्म के 2 से 3 दिन बाद ।

ज़ीडोवुडीन (AZT) के साथ नेवीरापिन लेते हैं, तो 100 में से 2 बच्चों को एच आइ वी हो सकता है। किंतु केवल एक खुराक नेवीरापिन लेने पर भी, 100 में से 40 महिलाओं में “रेसिसटेंस” बन सकता है। इसका अर्थ है कि आगे यह दवा उन मां पर नहीं काम करेगा। नेवीरापिन “रेसिसटेंस” सत्नपान के द्वारा (breastfeeding) बच्चे को भी हो सकता है।

4.  प्रसव को कैसे छोटा रख सकते हैं?

दीर्घकाल तक प्रसव से एच आइ वी का खतरा बढ जाता है। अगर मां का वाईरल लोड, 1000 से कम है, और अगर वो ज़ीडोवुडीन (AZT) लेती है, तो खतरा न्युनतम रहता है। अगर मां को अधिक वाईरल लोड है, तो प्रसार को रोकने के लिय सिसेरियन सेक्षन (cesarean section) आपरेशन करना होगा।

5.  सत्नपान में एतिहात कैसे करें?

संक्रमित मां के सत्नपान (breastfeeding) से 100 में से 14 बच्चों को एच आइ वी हो सकता है। इस स्थिती में, विकासशील देश में सत्नपान विवादास्पद है कि उसे करना चाहिये कि नहीं? आधिकांश एच आइ वी का सत्नपान द्वारा संक्रमण, जन्म के बाद पहीले दो महीनों में होता है। किंतु, सत्नपान न कराने से और अन्य प्रकार के दूध देने से काफी तरह के जानलेवा बीमारियां भी हो सकती हैं।

6.  कैसे पता चलेगा कि कोई शिशु संक्रमित है?

आधिकांश समय, संक्रमित मां के नवजात शिशु एच आइ वी के जांच में “पोसीटिव” होंगे। “पोसीटिव” होने का मतलब है कि उन्हें “एच आइ वी का ऎंटीबोडीज़” है, किंतु वो संक्रमित नहीं भी हो सकते हैं। अगर नवजात शिशु को एच आइ वी का बीमारी हो गया है, तो उसका शरीर “एच आइ वी के ऎंटीबोडीज़” बनाने लगेगा। अगर कोई बीमारी नहीं है, तो मां से प्राप्त “ऎंटीबोडीज़” समय के साथ गायब हो जायेंगे। फिर 6 से 12 महीनों के बाद बच्चे के जांच में कोई “ऎंटीबोडीज़” नहीं मिलेगा। एक अलग तरह का जांच है, जो एच आइ वी के विरुध बने “ऎंटीबोडीज़” के बजाय, खुद एच आइ वी के वाईरस (HIV virus) या किटाणु का जांच करता है।

7.  मां के सेहत का क्या होगा?

एच आइ वी संक्रमित महिलाओं के सेहत पर गर्भ से कोई ज्यादा फर्क नहीं पडता है। साथ ही अपना दूध पिलाने से भी मां के सेहत पर कोई ज्यादा फर्क नहीं पडता है।

एच आइ वी का इलाज केवल प्रसव के दौरान नहीं कराना चाहिये। सर्वोतम तो ये होगा आप हमेशा एच आइ वी का दवा का मिश्रण लें।

8.  गर्भ में क्या दवा न लें?

  • लेकटिक ऍसीडोसिस के कारण, गर्भ में डी डी आई (ddI, Videx) के साथ ज़ेरिट (d4T, Zerit) न लें।
  • ऎफाविरेंज़ (efavirenz, Sustiva) न लें।
  • ईंडीनावीर (indinavir, Crixivan) न लें।
  • अगर सी डी 4 सेल का गिनती 250 से अधिक है, तो नेवीरापिन (nevirapine, viraimmune) नहीं शुरू करना चाहिये।

9.  गर्भ में क्या सभी दवा न लें?

कुछ डाक्टरों का कहना है कि गर्भ के पहले तीन महीनों में सभी दवा न लें क्योंकि -

  • मिचली और उल्टी के कारण अगर आप दवा कभी-कभार नहीं लेते हैं, तो “रेसिसटेंस” होने का खतरा है।
  • बच्चे को खराबी करने का डर है। इस बात का कोई प्रमाण नहीं है, सिवाय ऎफाविरेंज़ से बच्चे को नुकसान होने का।

आप अगर एच आइ वी से संक्रमित हैं, तो गर्भ होने से पहले अपने डाक्टर से मिलें।

आप अगर एच आइ वी से संक्रमित हैं, और गर्भ में कोई भी दवा नहीं लिया है, तो कम से कम उपर बताय गये उपायों से अपने बच्चे को एच आइ वी से बचा सकते हैं।

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