Type in Hindi 

Printer Friendly  PDF Share Toolbar  Mobile 
Home > Women > Placenta Previa । प्लासेंटा प्रिवीया

Placenta Previa । प्लासेंटा प्रिवीया


1.  प्लासेंटा

प्लासेंटा, नाल को कहते हैं, जो कि बच्चे को मां से पोषण प्रदान करता है। इसके अलावा, बच्चे को सांस लेने के लिये मां से आक्सीजन गेस देता है। गर्भ में बच्चे से निकला प्रदूशित हवा और खून, प्लासेंटा द्वारा साफ होता है, क्योंकि वो मां को दे दिया जाता है। युटेरस, बच्चादानी को कहते हैं।

2.  प्लासेंटा प्रिवीया

सामान्य गर्भ के स्थिती में प्लासेंटा, बच्चे से उपर जगह पर, युटेरस से लगा होता है। प्लासेंटा प्रिवीया में प्लासेंटा, बच्चे से नीचे जगह पर, युटेरस से लगा होता है। यह गर्भ के निचले हिस्सा या सरविक्स के मुंह को थोडा़ या पूरा बन्द कर सकता है।

3.  ख़तरा

प्लासेंटा प्रिवीया किसी गर्भवती महिला को हो सकता है। यह 100 में से 1 गर्भ में होता है। कुछ स्थिती में आपको, इसके होने का संभावना, अधिक होता है; जैसे कि –
  • अगर आपका उम्र 35 वर्ष से अधिक हो
  • अगर आप एक से ज्यादा बार गर्भवती हो चुकी हैं
  • अगर आपको पहले कभी सिज़ेरीयन सेकशन (c-section) हो चुका है
  • अगर आपको बहुत बार गर्भपात हो चुका है
  • अगर आपको पहले कभी प्लासेंटा प्रिवीया हो चुका है
  • अगर आपके गर्भ में 1 से ज्यादा बच्चा पल रहा है, जैसे कि जुड़ंवा हो

4.  लक्षण

  • इसके लक्षण गर्भ में कभी भी हो सकता है।
  • गर्भ के दौरान, युटेरस से खून गिरना, इसका सबसे महत्वपूर्ण लक्षण है। यह कभी गहरे लाल रंग का होता है, तो कभी ताजा खून होता है। कभी कभार लगता है कि प्रसव होने से पहले ह्ल्का खून गिरने के समान होता है।
  • आधिकांश समय, इसमें कोई दर्द या मरोड़ नहीं होता है। लेकिन कभी कभार इसमें दर्द या मरोड़ हो सकता है।

5.  खून गिरना

  • डाक्टर के पास दिखलाने के लिये तुरंत जाना चाहिये।
  • गर्भ के रास्ते खून रोकने के लिये कुछ भी नहीं डालना चाहिये, जैसे कि टैम्पून (Tampoon)। इससे खून गिरना बढ़ सकता है।

6.  जांच

  • युटेरस में प्लासेंटा का पोजिशन या जगह जानने के लिये, उल्ट्रासाउंड या युटेरस का सोनोग्राम किया जाता सकता है। इसमें तरंगों द्वारा युटेरस के अंदर का फोटो खींचा जाता है। इससे बच्चे को कोई नुकसान नहीं होता है। यह बार-बार किया जा सकता है, क्योंकि इससे पता चलता है कि युटेरस में प्लासेंटा कहां स्थित है और कोई भीतर में खून तो नहीं बह रहा है।
  • मां के खून का जांच किया जाता है कि उसे कोई खून का कमी या अनिमीया तो नहीं है।
  • कभी-कभार जब अधिक खून बह रहा होता है, तो सोनोग्राम कराने का समय नहीं होता है। ऐसे में, डाक्टर आपके सरविक्स और युटेरस का जांच आपरेशन थियेटर में करता है। इसमें अगर खून बहना बढ़ गया तो तुरंत सिज़ेरीयन सेकशन (c-section) कर दिया जाता है।

7.  इलाज़

प्लासेंटा प्रिवीया का इलाज़, दो बातों पर निर्भर करता है। पहला कि मां से कितना खून बह रहा है, और दूसरा कि गर्भ के कितने हफ्ता बीत चुके हैं।
  • अगर बहुत खून बह रहा है तो दोनों मां और बच्चे के जान को खतरा हो सकता है। इसमें शीघ्र सिज़ेरीयन सेकशन (c-section) करना पर सकता है।
  • अगर खून बहना बंद हो गया है, और बच्चे के जान को खतरा नहीं है, तो गर्भ को सामान्य रूप से चलने दिया जा सकता है। इसमें आपको बेड रेस्ट कहा जा सकता है।
  • आपके गर्भ पर ध्यान रखने के लिये अधिक सोनोग्राम हो सकता है।
  • बच्चे का हाल जानने के लिये कुछ जांच होते हैं, जैसे कि नोन-स्ट्रेस टेस्ट (Non stress test) और बायोफीज़ीकल प्रोफाईल (biophysical profile)।
  • बच्चे के फेफडा़ के विकास के बारे में जानने के लिये कभी-कभार एक टेस्ट किया जाता है, जिसे एमनीयोसेंटेसिस (amniocentesis) कहते हैं। इसमें गर्भ में सुई चुभा कर गर्भ के पानी का जांच किया जाता है। अगर बच्चे के फेफडा़ का विकास पूरा हो चुका होता है, तो डिलवरी किया जा सकता है।
  • कभी-कभार बच्चे के फेफडा़ के विकास को बढा़ने के लिये, मां को स्टिरोयड (steroid – betamethasone) के दो इंजेकशन दिया जाता है।
  • अगर युटेरस में मरोड़ उठ रहा होता है, तो उसे बंद करने के लिये दवा दिया जा सकता है।

8.  प्रसव

जैसे कि पहले बताया गया है कि प्लासेंटा प्रिवीया में प्लासेंटा, गर्भ के निचले हिस्सा या सरविक्स के मुंह को, थोडा़ या पूरा बन्द कर सकता है। यह समय के साथ अपना जगह बदल भी सकता है। इसीलिये बार-बार सोनोग्राम किया जाता है। अगर सरविक्स का मुंह बंद नहीं है या हल्का बंद है, तो सामान्य तरीके से प्रसव किया जा सकता है। अगर सरविक्स का मुंह पूरे तरह से बंद है या मां को अधिक खून बह रहा है, तो सिज़ेरीयन सेकशन (c-section) करना पर सकता है।

9.  क्रिया

  • अगर आप और आपके पेट में पलते बच्चे का डाक्टरी जांच हो गया है, और तुरंत के लिये कोई खतरा नहीं बताया गया है तो आपको बेड रेस्ट के लिये कहा जायेगा। इसमें आप गर्भ में अधिकतर समय लेट कर बितायें कि फिर कोई खून गिरना न चालू हो जाये, जिससे कि सिज़ेरीयन सेकशन (c-section) द्वारा समय से पहले बच्चे को पैदा हो।
  • शांत रहें और कोई भी स्ट्रेस न लें
  • अपने गर्भ के रास्ते खून रोकने के लिये कुछ भी नहीं डालना चाहिये, जैसे कि टैम्पून (Tampoon)। इससे खून गिरना बढ़ सकता है।
  • सेक्स न करें
  • वजन न उठायें
  • अधिक झुकनेवाला काम न करें
  • आयरन (iron) का दवा खायें
  • अगर कोई नया खून गिरता है, बुखार है या दर्द उठता है तो तुरंत अपने डाक्टर के पास जायें

आपका स्वास्थ्य

आपका खाना

प्रसिद्ध विषय

इंटरनेट पर संबंधित जानकारी

खबरें चित्र विडीयो सन्दर्भ लिंक्स
रिसर्च विकिपेडिया

सम्बंधित लिंक्स

This website is certified by Health On the Net Foundation. Click to verify. This site complies with the HONcode standard for trustworthy health information: verify here.

This page was last modified by Ravi Mishra on January 06, 2010, at 09:22 PM EST. Copyright 2008-2010 Nirog.info. All rights reserved.
↑ Top  Home  Search: Terms  About Us  Awards  Valid XHTML  Valid CSS  Login 

Visit our channels at: Amazon  Twitter  Youtube  Scribd